आज सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र नारायण सिंह त्यागी, जिनका नाम धर्म परिवर्तन से पहले वसीम रिज़वी था.ये धर्मसंसद पर अप्पतिजनक टिप्पणी की वजह से जेल में डाला गया, जिन्हें आज तीन महीने की अंतरिम जमानत दी गई है। नारायण त्यागी पर मुख्य आरोप है कि उन्होंने पिछले साल दिसंबर में आयोजित हरिद्वार धर्म संसद में अभद्र भाषा का प्रयोग किया था, और उकसाया भी था। उन्हें साल 13 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। रिजवी के वकील ने हृदय रोग के इलाज के लिए जमानत की मांग की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत मंजूर करते हुए आदेश दिया कि जमानत के दौरान वह कोई भड़काऊ भाषण नहीं देंगे।
12 मई को भी सुप्रीम कोर्ट हुई थी सुनवाई-
आज से पहले भी 12 मई को भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी और इस दौरान शीर्ष अदालत ने उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि त्यागी उर्फ वसीम रिजवी पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि लोगों को शांति से रहना चाहिए और जीवन का आनंद लेना चाहिए। इससे पहले कि वह दूसरों को जागरूक होने के लिए कहें, उन्हें पहले खुद संवेदनशील बनना होगा। वह संवेदनशील नहीं हैं।
त्यागी की वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कहा कि त्यागी छह महीने से जेल में बंद हैं और वे कई बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्होंने कहा कि त्यागी के खिलाफ दर्ज मामले में अधिकतम तीन साल की ही सजा है और इन धाराओं पर उन्हें बेल दी जानी चाहिए।

