पुणे: महाराष्ट्र के पुणे में 19 मई को नशे में धुत नाबालिग ने तेज रफ्तार कार से दो लोगों को बीच सड़क परज़ोरदार टक्कर मारी जिसमे दोनों की मौके पैर ही मौत हो गई। वहीं इसके बाद निचली अदालत ने नाबालिग को हादसे पर निबंध लिखने की शर्त पर जमानत भी दे दी। बाद में जब मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस ने औरंगाबाद से उसके पिता को गिरफ्तार किया, जिसने बिना रजिस्ट्रेशन की पोर्श कार की स्टेयरिंग अपने नाबालिग बेटे को थमाई थी। इस घटना पर लोगों ख़ासा रोष है। गलती किसकी है? शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले नाबालिग की या उसके पिता की। मोटर वीइकल एक्ट में नाबालिग अपराधियों के लिए अलग धाराएं हैं, जिसमें ऐसे मामलों में पैरेंटस या वाहन मालिक की जवाबदेही तय की गई हैं। अगर नाबालिग करता है तो उसे गाड़ी चलाने की अनुमति देने वाले को तीन साल की कैद और 25 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। इस कानून में भी कुछ गलतियां है। मां-बाप या गाड़ी का मालिक इस कानून से बच सकते हैं बशर्ते वह साबित कर दें कि नाबालिग बेटा या बेटी उनकी जानकारी के बिना गाड़ी ले गया।
Pune car accident: क्या मिलेगी नाबालिग को सज़ा ,जानिए

