नई दिल्ली : बिहार के सीएम नीतीश कुमार आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनज़र सभी विपक्षी दलों को एकजुट करने के प्रयास में दिल्ली दौरे पर हैं। अभी तक वो कई विपक्षी पार्टियों के नेताओं से भेंट कर चुके हैं। 2024 लोकसभा चुनाव के लिए अभियान पर निकले नीतीश कुमार ने दिल्ली के सीएम केजरीवाल सहित अन्य कई नेताओं से मुलाकात की तो वहीं बुधवार को उनकी मुलाकात भाकपा माले के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से हुई. वो राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति से भी मुलाकात करेंगे।
आज नीतीश कुमार ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बिहार में सभी दल एक साथ हैं। इसी कारण भाजपा वहां अकेली पड़ गई है। जिसके बाद से भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने बयान बाजी शुरू कर दी है. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनता और समाज के हित में काम करते हुए विकास में बहुमूल्य योगदान दे रही है।
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए गठबंधन से अलग होने के उनके फैसले का विपक्ष के कई नेताओं ने समर्थन किया है. उन्होंने बताया की विपक्षी नेताओं का कहना है कि भाजपा से अलग होने का निर्णय बहुत सही था। नीतीश कुमार का कहना है कि राज्य की जनता ने भी उनके इस फैसले की सराहना की है।
नीतीश की दिल्ली दौरे से सियासी चर्चाएं हुई तेज़

