आज सोमवार को सुबह म्यांमार की एक अदालत ने देश की अपदस्थ नेता और नोबेल पुरस्कार विजेता “आंग सान सू की” को अवैध रूप से वॉकी-टॉकी आयात करने और रखने एवं कोरोना प्रतिबंधों का पालन न करने के आरोपों में दोषी पाए जाने पर चार और साल जेल की सजा हुई है। एक समाचार एजेंसी के मुताबिक़,सू की पर वॉकी-टॉकी रखने का आरोप तब लगाया गया जब सैनिकों ने एक फरवरी, 2021 को सैन्य तख्तापलट के दिन सू ची के आवास पर अचानक छापेमारी की थी। उस समय कथित तौर पर प्रतिबंधित उपकरण बरामद किया गया था।
सू की की सरकार को जुंटा सैनिकों द्वारा बेदखल किए जाने के ठीक बाद म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ व्यापक विरोध दिखा जिसके बाद सेना ने खूनी कार्रवाई शुरू कर दी। इस हिंसा अब तक 1500 लोगों की मौत हुई थी। सू की पर लगभग एक दर्जन मामले मुकदमे हैं, जिनमें अधिकतम 100 साल से ज्यादा की जेल निर्धारित है। आपको बतादे कि “आंग सान सू” पर भ्रष्टाचार, आधिकारिक गुप अधिनियम उल्लंघन, दूरसंचार कानून और कोरोना नियमों के उल्लंघन करने के साथ साथ आरोप हैं। जबकि सू की ने सेना ने जो भी आरोपगड़े हैं उससे इंकार किया है। संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ और यूके सरकार सहित कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने कोर्ट के इस फैसले और जेल की सजा की निंदा की है। सभी ने मुकदमे को राजनीति से प्रेरित बताया।

