नई दिल्ली: आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 71जन्मदिन है। आज पीएम ने शंघाई सहयोग संगठन की शिखर बैठक को सम्बोधित किया। वर्चुअली मीटिंग में शिरकत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ताजिकिस्तान के लोगों को आजादी के तीसवें पर्व की शुभकामनाए दीं। उन्होंने कहा कि इस साल हम एससीओ की भी 20वीं वर्षगांठ की खुशियां मना। ख़ुशी की बात है कि इस संगठन में नए लोग भी जुड़ रहे हैं।
आज इस बैठक में प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि एससीओ की 20वीं वर्षगांठ पर संगठन के आगे आने वाले समय पर भी सोचना जरूरी है। इन समस्याओं का बढ़ता हुआ कारण रेडिकलाइजेशन है। अफगानिस्तान में हालिया घटनाओं ने इस चुनौती को और स्पष्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर एससीओ को पहल लेकर काम करना चाहिए। पीएम ने ये भी कहा कि हम इतिहास पर नजर डालें तो मध्य एशिया का क्षेत्र प्रोग्रेसिव कल्चर और वैल्यूज का गढ़ रहा है। मध्य एशिया की इस धरोहर के लिए एससीओ को रैडिकलाइजेशन से लड़ने का एक साझा टेंपलेट बनाना चाहिए। अब इसके लिए एससीओ को भी कदम बढ़ाने चाहिए।
पीएम ने कहा कि रैडिकलाइजेशन से लड़ाई, क्षेत्रीय सुरक्षा आवश्यक है। उन्होंने देश के भविष्य युवाओं के लिए भी इसे आवश्यक बताया। हमें अपने प्रतिभाशाली युवाओं को रैशनल थिंकिंग की ओर आगे बढ़ाना होगा। हमें एससीओ पार्टनर्स के साथ एक ओपन सोर्स तकनीक को शेयर करने में और कैपसिटी बिल्डिंग आयोजित करने में खुशी होगी। रैडिकलाइजेशन और असुरक्षा के कारण इस क्षेत्र का आर्थिक पोटेंशियल भी अनटैप्ड रह गया है।
शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में बोले पीएम-कट्टरपंथी बड़ी समस्या

