हरिद्वार : इस बार हरिद्वार ग्रामीण सीट पर पिता हरीश रावत की हार को चैलेंज करने के लिए मैदान पर उतरीं उनकी बेटी अनुपमा रावत भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद से सामना करने उतरीं हैं। दोनों में मुकाबला सीधे-सीधे भाजपा और कांग्रेस का है। जबकि,आप और बसपा के पंकज सैनी भाजपा के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं, बसपा और सपा भी कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी ही साबित हो सकती है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 में हुए चुनाव में मुख्यमंत्री रहते हुए हरीश रावत ने हरिद्वार ग्रामीण से चुनाव में उतरें थे। वह भाजपा के स्वामी यतीश्वरानंद से हारे थे। इस बार के टिकट आवंटन से पहले तक हरीश रावत के हरिद्वार ग्रामीण से फिर से मैदान में उतरने की चर्चाओं में तो थे लेकिन इस बार उन्हें नहीं उनकी बेटी अनुपमा रावत को टिकट दे दिया गया। अब अनपुमा रावत दखखम के साथ स्वामी यतीश्वरानंद के सामने चुनाव लड़ रही है। नामांकन के अंतिम दिन डा. दर्शन लाल शर्मा का टिकट बदलकर मोहम्मद युनूस अंसारी को प्रत्याशी बनाए जाने से पिछले चुनाव की तरह कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं।
क्या बोलीं अनुपमा रावत ? –हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के लोगों के सामने बेरोजगारी, शिक्षा-स्वास्थ्य सबसे बड़ी समस्या है। अगर मुझे जनता ने चुना तो क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार देने का काम करूंगी।

