बीता दिन बुधवार देश के लिए बड़ी दुखद खबर लेकर आया जी हाँ बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर में वायुसेना का चॉपर हादसे में सीडीएस बिपिन रावत और उनकी पत्नी समेत अन्य 11 लोगों का निधन हुआ है। मद्रास रेजिमेंट सेंटर में बिपिन रावत, उनकी पत्नी और 11 अन्य सैन्य अधिकारियों के पार्थव शरीर रखे गए हैं। इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सीडीएस बिपिन रावत और हेलीकॉप्टर क्रैश में जान गंवाने वाले सभी लोगों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। आज भी राज्यसभा के बाहर 12 निलंबित सांसदों को वापसी करने को लेकर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों के सांसद लगातार संसद के बाहर प्रदर्शन में जुटे है लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि आज कोई प्रदर्शन नहीं किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वाले बिपिन रावत, उनकी पत्नी समेत अन्य अधिकारियों के निधन पर श्रद्धांजलि दी है।
राजनाथ सिंह ने बताया हादसे का सच –आज गुरूवार को राज्यसभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि बिपिन रावत ने सुलूर एयरबेस से उड़ान भरी थी। चॉपर में सवार 14 लोगों में से 13 लोगों का निधन हो गया। राजनाथ सिंह ने बताया कि सबसे पहले स्थानीय लोगों को इसकी तत्काल सूचना प्प्रप्त हुई जिसके बाद सूचना मिली ,आज संसद में राजनाथ सिंह ने हादसे में मारे गए सभी मृतकों के परिजनों के लिए भारी संवेदनाएँ व्यक्त की।
तमिलनाडु के कुन्नूर में हादसे का शिकार हुए एमआई-17 में देश के पहले सीडीसी जनरल बिपिन रावत का निधन हो गया। इसके अलावा उनकी पत्नी मधुलिका समेत 12 लोगों की भी जान चली गई। बिपिन रावत वेलिंगटन के डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज में व्याख्यान देने जा रहे थे। उनका चॉपर लैंड करने से कुछ मिनट पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया। गुरुवार को उनका पार्थिव शरीर दिल्ली लाया जाएगा। कल होगा अंतिम संस्कार –कल यानी शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। वहीं, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संसद के दोनों सदनों में हादसे के बारे में पूरी जानकारी साझा की और मरने वालों के प्रति श्रद्धांजलि दी। लोकसभा स्पीकर ने भी अपनी संवेदना प्रकट की।

