आगरा : आज कुन्नूर के हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद सीडीएस बिपिन रावत के साथ ताजनगरी के जांबाज विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान भी शाहदत को नसीब हुए। आपको बतादें कि कमाण्डर पृथ्वी सिंह उसी हेलीकॉप्टर के पायलट थे, जिसमें सीडीएस रावत, उनकी पत्नी व अन्य लोग सवार थे। इस बात की जानकारी खुद पृथ्वी के पिता ने साझा की।
विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान दयालबाग के सरन नगर के रहने वाले थे। वर्तमान में उनकी तैनाती कोयंबटूर के पास वायुसेना स्टेशन में थी। घटना की जानकारी होते ही उनके घर पर पड़ोसी व रिश्तेदार जुटने लगे। मशहूर बीटा ब्रेड का उत्पादन करने वाले उनके पिता सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पृथ्वी उनके इकलौते बेटे और सबसे छोटी संतान थे।
आज जब टीवी पर खबर आई तो पृथ्वी की बहन ने माँ को फोन किया, तब उन्हें बेटे की शहादत की जानकारी मिली। 42 वर्षीय पृथ्वी बहनों के सबसे छोटे भाई थे।
बड़ी बहन शकुंतला, दूसरी मीना, गीता और नीता। पृथ्वी ने छठवीं कक्षा में सैनिक स्कूल रीवा में दाखिला लिया। वहीं से एनडीए में सलेक्ट हो गए। साल 2000 में भारतीय वायुसेना में ज्वाइनिंग हुई। पृथ्वी अभी विंग कमांडर थे।
एयरफोर्स ज्वाइन करने के बाद पृथ्वी सिंह चौहान को सबसे पहले हैदराबाद में तैनात किया गया था। इसके बाद वे गोरखपुर, गुवाहाटी, ऊधमसिंह नगर, जामनगर, अंडमान निकोबार सहित अन्य एयरफोर्स स्टेशनों पर भी तैनात रहे। उन्हें एक वर्ष की विशेष ट्रेनिंग के लिए सूडान भी भेजा गया था।

