चलती कार में गैंगरेप पर बड़ा खुलासा, सहेली ने क्यों नहीं की मदद ?

गौरतलब है कि 5 दिसम्बर को लखनऊ में एक गानेग रेप का मामला सामने आया था।  जिसमें बताया गया कि जिस युवती के साथ दुष्कर्म हुआ था वो एक रिटायर्ड अफसर की बेटी है। इस घिनौनी घटना के बाद हालाँकि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन अब मामलें में अलग अलग खुलासे हो रहे हैं। डीसीपी पश्चिम राहुल राज ने बताया कि आरोपी सत्यम, सुहैल और असलम ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया था। पीड़िता के मोबाइल फोन की बैटरी डिस्चार्ज थी। उसने केजीएमयू के मनोचिकित्सा विभाग के सामने चाय की दुकान पर काम करने वाले सत्यम को यह समस्या बताई तो उसने सामने खड़ी एंबुलेंस में मोबाइल चार्जिंग पर लगवा दिया। मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाने के बाद आरोपियों ने साजिशन एंबुलेंस को वहां से हटा दिया था।पीड़िता सत्यम को जानती थी, इसी बात का उसने फायदा उठाया है। मोबाइल दिलाने के बहाने से सत्यम युवती को ई रिक्शा से आईटी चौराहे तक ले गया। इसके बाद आईटी चौराहे पर सुहैल और असलम कार लेकर पहुंचे। सत्यम ने ही युवती को कार में बैठाने की बात कही। वहां उसे मोबाइल दे दिया गया। इससे युवती को उन पर भरोसा हो गया। फिर आरोपियों ने उसे छोड़ने के लिए कहा और साथ  ले गए।  आरोपी आईटी चौराहे से सीधे निशातगंज पहुंचे जहां इन लोगों ने शराब, बीयर और गांजा खरीदा। फिर रास्ते में ही युवती को जबरदस्ती शराब, बीयर और गांजा पिला दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और उसे बहुत पीटा।

सहेली ने क्यों नहीं की मदद –
बताया जा रहा है कि जब युवती को कुछ ग़लत होने का अंदाजा हुआ तो सुनें अपनी लाइव लोकेशन अपनी सहेली को भेजी लेकिन उसने न तो पपरीजनों को सूचित किया और न ही पुलिस को इस बात की सूचना दी।  आखिर क्यों ? इस बात की जानकारी अब सहेली से बात करके साफ़ की जा रही है।

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