World AIDS Day: एचआईवी संक्रमित गर्भवती का बच्चा संक्रमण मुक्त

देहरादून : आभा बदला हुआ नाम -जब गर्भवती थी तो वो एचआईवी पॉजिटिव हो गईं, तब उन्हें गर्भ में पल रहे बच्चे की चिंता हुई और सिर्फ समय से जानकारी होने के कारण चिकित्सकों की देखरेख में बच्चा एचआईवी के संक्रमण से बचा रहा।  आपको  बतादें कि आभा बच्चे को जन्म देने के बाद भी एचआईवी पॉजिटिव हैं। यह उत्तराखंड की सिर्फ एक नहीं बल्कि 71 माओ के साथ हुआ है।

उत्तराखंड एड्स कंट्रोल सोसायटी के एडिशनल प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. अजय कुमार नगरकर ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 में उत्तराखंड में कुल 2,15,244 गर्भवतियों की एचआईवी जांच हुई इसमें 85 महिलाएं एचआईवी पॉजिटिव निकलीं। चिकित्सको के रख रखाव में रहने की वजह से इनमेंसे 71 महिलाओं ने नवजातों को जन्म दिया जो जांच में स्वस्थ हैं।  नवजातों का नाको भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार ईआईडी में सैंपल भेजकर एम्स नई दिल्ली में जांच हुई। इनमें से कोई भी नवजात एचआईवी संक्रमित नहीं निकला।यु तो एचआईवी को जानलेवा माना गया है लेकिन अब डॉक्टरों के प्रयास से इस बीमारी से होने वाली मृत्यु पर काफी कम कर दिया गया है। संक्रमण फैलने के कई माध्यम हो सकते हैं, लेकिन गर्भवती महिला से उसके बच्चे को यह संक्रमण होने की आशंका सबसे अधिक होती है।अब उपचार से ऐसे बच्चों को एचआईवी संक्रमण से बचाया जा सकता है जिनकी मां एचआईवी संक्रमित हैं।

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