आज से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हुई है। उत्तराखंड के सभी शहरों में आज माता की आराधना के लिए नौ दिन अनुष्ठान किए गए। वहीं शहर के प्रमुख मंदिर भव्य तरीके से सजाए गए हैं। अब प्रत्येक दिन मां के विभिन्न रूपों की विधि-विधान से पूजा की गई है। देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, श्रीनगर, उत्तरकाशी सहित कुमाऊं में अल्मोड़ा, नैनीताल सभी जिलों में सुबह से मां के दरबार में भक्तों की भीड़ लगी रही। देवभूमि में अब आने वाले 9 दिन की माँ की पूरे रीति रिवाज़ से पूजा अर्चना की जाएगी। मां दुर्गा को सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी कहा जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, नवरात्रि चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू हो जाते हैं। दो अप्रैल से शुरू हुए चैत्र नवरात्रि 11 अप्रैल को संपन्न होंगे।
नौ दिन तक मां दुर्गा के नौ रूपों शैलपुत्री, ब्रह्माचारिणी, चंद्रघटा, कुष्मांडा, स्कंद माता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और देवी सिद्धिदात्री की विशेष पूजा-अर्चना होगी। आज नवरात्रि के पर्व ज्योतिषाचार्य डॉ. आचार्य सुशांत राज ने बताया कि घट स्थापना का शुभ मुहूर्त दो अप्रैल को सुबह छह बजकर 10 मिनट से आठ बजकर 29 मिनट तक था।श्री दक्षिण काली मंदिर में माई के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। यहां पुजारियों ने सुबह पहले मां का जलाभिषेक कर भव्य पूजन किया।

