नई दिल्ली : भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने साझा किए एक सर्कुलर के माध्यम से बताया है कियूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) पर मर्चेंट लेनदेन पर प्रीपेड पेमेंट इंस्ट्रूमेंट्स शुल्क लगाया जाए।
2000 से अधिक पर लगेगा चार्ज-
ख़बरों की मानें तो, यूपीआई का संचालन करने वाली संस्था एनसीपीआई ने अपने सर्कुलर में साझा किया है की 2,000 रुपये से अधिक की रूपए का यूपीआई पर पीपीआई का उपयोग करने से लेनदेन मूल्य का 1.1 प्रतिशत शुल्क के रूप में देना होगा। इंटरचेंज शुल्क अब तक कार्ड भुगतान से जुड़ा होता है और लेनदेन को स्वीकार करने, संसाधित करने और अधिकृत करने की लागत को कवर करने के लिए लगाया जाता है।इसके अलावा बैंक खाते और पीपीआई वॉलेट के बीच पीयर-टू-पीयर और पीयर-टू-पीयर-मर्चेंट लेनदेन के लिए इंटरचेंज की जरुरत नहीं होती है। पीपीआई जारीकर्ता वॉलेट-लोडिंग सेवा शुल्क के रूप में प्रेषक बैंक को लगभग 15 आधार अंक का भुगतान देगा।
इंटरचेंज की शुरुआत 0.5-1.1 प्रतिशत के बीच है, जिसमें ईंधन के लिए इंटरचेंज 0.5 प्रतिशत, दूरसंचार, उपयोगिताओं/ डाकघर, शिक्षा, कृषि के लिए 0.7 प्रतिशत, सुपरमार्केट के लिए 0.9 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड, सरकार, बीमा और रेलवे के लिए 1 प्रतिशत है। ये शुल्क 1 अप्रैल, 2023 से लागू होने जा रही है।

