प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए गठित समिति का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है । इसे विधानसभा सत्र में पेश किया जाने की सभी तैयारी हो चुकि हैं । इसके बाद उत्तराखंड, देश का पहला समान नागरिक संहिता वाला राज्य होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि समान नागरिक संहिता में समुदाय विशेष को कोई नुकसान नहीं है बल्कि सीएम धामी ने बताया है कि राज्य की जनता से उन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया औरजन अपेक्षाओं के अनुरूप इस दिशा में कदम बढ़ रहे हैं। बताया कि इसमें समुदाय विशेष की कोई हानि नहीं है।सबके लिये एक समान कानून हो, इसके प्रयास किए गए हैं।सीएम धामी ने कहा कि ये यूपीए का ही रूप है। विपक्षी गठबंधन को उन्होंने पुरानी बोतल में नई शराब बताया। कहा, उसमें हर कोई दूल्हा बनना चाहता है, बराती कोई नहीं बनना चाहता।

