पटना : सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक विवाह को ग़लत करार दिया और इसलिए इसे कानूनी मान्यता देने से साफ़ मना कर दिया था, लेकिन इसपर भी समाज में कुछ ऐसे जोड़े हैं जो जबरन ऐसी जिंदगी जीने की छह रखते हैं। कुछ ऐसा ही मामला राजधानी पटना से सामने आया, जहां दो मौसेरी बहनें निकाह कर एक साथ रहने लगीं हैं। उन्होने इसपर अपना तर्क देते हुए कहा है कि हमदोनों आजीवन एक साथ रहना चाहते हैं। इन्होंने खुद को सीवान जिला के अहमद थाना क्षेत्र के एचएच नगर निवासी खुर्शीद अहमद की बेटी निवासी रोशनी खातून और तरवार थाना क्षेत्र के मंजूर आलम की बेटी तराना खातून है, जो पटना में एक साथ पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगीं हैं।
इन दोनों ही बहनों ने परिजनों के विरोध के बाद पटना के एसएसपी को लिखित आवेदन देकर खुद की सुरक्षा के लिए मांग की है। हम दोनों वयस्क हैं और अपनी मर्जी से एक साथ रहना और जीना चाहते हैं। हमारा परिवार समलैंगिकता का विरोधी है, इसलिए अब वो हमे साथ रहने नहीं देने चाहते। तो ऐसे में हमें संभावना है कि हमदोनों पर हमला भी करवाया जा सकता है। भविष्य में अगर ऐसा कुछ होता है तो इसके जिम्मेदार हमलोगों के माता-पिता होंगें।परिजाओं को पुलिस बालाया और महिला थानाध्यक्ष ने दोनों लड़कियों की काउंसिलिंग भी की किया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अंत में उन्हें छोड़ दिया गया और दोनों परिजन भी वापस घर लौटा दिया गया।