आज शनिवार को हरिद्वार पॉश कॉलोनी गोविंदपुरी में बने कमंडल वाले बाबा के सिद्ध पीठ स्थल को हटाने के लिए जब पुलिस पहुंची तो यहां लोगों ने भरी विरोध किया। घंटों चली बहस के बाद आखिरकार टीम को बेरंग पपएर पीछे करके वापस होना पड़ा। एसडीएम ने सिद्ध पीठ से जुड़े लोगों को एक हफ्ते में रीति रिवाज के साथ सिद्ध पीठ को हटाने के लिए वॉर्न किया है। एसडीएम ने कहा कि एक हफ्ते में धर्मस्थल न हटाने पर प्रशासन की तरफ से ही धवस्तीकरण की कार्रवाई की होगी। सिद्ध पीठ से जुड़े भूपेंद्र और प्रीतकमल का कहना है कि यह बहुत ही पुराना स्थल है। यहां शक्ति जागृत है। इसे सिर्फ बाबा की अनुमति से ही हटाना चाहिए। वही धर्मस्थल को लेकर कुछ लोगों के बीच आपस में ही तीखी बहस हुई और एक व्यक्ति ने सिद्ध पीठ को एक धर्म विशेष के लोगों की ओर से ही धार्मिक स्थल बना देने की भी बात कही है। लोग भड़क उठे और आपस में बहस करने लगे।इतना ही नहीं बल्कि धर्मस्थल को इसी र्एक हफ्ते में हटाने का समय दिया गया है।
कहा का है मामला ?
हरिद्वार की खन्नानगर कॉलोनी में बने एक मजार को प्रशासन की टीम ने हटाई। प्रशासन की टीम ने अंदर रखी धार्मिक किताब व अन्य सामान को अपने कब्जे में ले लिया। कर्मचारियों ने हथौड़ों से धर्मस्थल को ध्वस्त कर दिया। अंदर किसी को भी जाने की अनुमति नहीं दी गई है। उधर इसी कॉलोनी में बने सिद्ध पीठ को हटाने पहुंची टीम को विरोध झेलना पड़ा। विरोध के बाद टीम को बैरंग लौटना पड़ा।

