आज श्रमिकों को सुरंग में फसे करीब 18 दिन हो गए हैं वहीँ रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए सभी सघन प्रयास जारी हैं। अब सुरंग के अंदर फंसे श्रमिकों की मानसिक स्थिति को समझने के लिए रेस्क्यू रोबोटिक्स सिस्टम की मदद ली जाएगी। बीते दिन सोमवार लखनऊ से रेस्क्यू रोबोटिक्स वैज्ञानिक मिलिंद राज सिलक्यारा पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से 24 घंटे सुरंग के अंदर फंसे मजदूरों की मानसिक स्थिति पर नजर रखी जाएगी उन्होंने बताया कि वह राहत एवं बचाव कार्य में लगे कर्नल दीपक पाटिल के बुलाने पर यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि रेस्क्यू रोबोटिक्स सिस्टम बहुत ही पॉवरफुल है। जो खासतौर पर सिलक्यारा सुरंग हादसे में काफी मददगार हो सकता है। यह उन जगहों पर हाई स्पीड इंटरनेट सर्विस दे सकता है, जहां मुश्किल से नेटवर्क की पकड़ होती है।यदि श्रमिकों की सेहत में गिरावट आती है या वह असामान्य व्यवहार करते हैं यह सिस्टम इसकी भी देने में मदद करेगा।
श्रमिकों की मनोस्थिति जानेंगे लखनऊ से पहुंचे वैज्ञानिक

