नई दिल्ली : आज पांच देशों के समूह ब्रिक्स के वार्षिक शिखर महासम्मेलन की अध्यक्षता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। यह सम्मलेन डिजिटली आयोजित होगा। जिस बैठक में अफगानिस्तान के ताजा हालात पर बड़ी चर्चाए होंगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने ट्वीट करके जानकारी दी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स के 13वें शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करने जा रहे हैं। जो कि आज गुरुवार को आयोजित होगा।
ख़बरों की मानें तो विदेश मंत्रालय मुताबिक़, बैठक में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा और ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो भी हिस्सा बनेंगें। ब्रिक्स की इस बैठक में दुनिया के करीब सबसे बड़े 5 देश हिस्सा ले रहे हैं। जिनकी वैश्विक आबादी के 41 प्रतिशत, वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के 24 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार 16 प्रतिशत का है। आपको बतादें कि विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ‘2021 में ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नौ सितंबर को डिजिटल प्रारूप में 13वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को करेंगें। इस सम्मलेन में करीब 5 बड़े देश अपनी अपनी समस्यों पर चर्चा करने जा रहे हैं। इससे पहले 2016 में उन्होंने गोवा में सम्मेलन की अध्यक्षता की थी। इस साल ब्रिक्स की 15वीं वर्षगांठ है। इस बार शिखर सम्मेलन का स्लोगन है -‘ब्रिक्स @15: निरंतरता, सम्मेलन और आम सहमति की खातिर अंतर-ब्रिक्स सहयोग’।
भारत आज होने जा रहे इस सम्मलेन में भारत ने नई रूपरेखा को तैयार किया है। इनमें बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार, आतंकवाद का मुकाबला, एसडीजी प्राप्त करने के लिए डिजिटल और तकनीकी औजारों का उपयोग और लोगों से लोगों के बीच कनेक्टिविटी जैसी बाते शामिल होंगी।
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि इन विषयों के अलावा, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में कोविड-19 महामारी के प्रभाव और अन्य मौजूदा वैश्विक वह क्षेत्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाकार (एनएसए) अजीत डोभाल, न्यू डेवलपमेंट बैंक के अध्यक्ष मार्कोस ट्रॉयजो, ब्रिक्स बिजनस काउंसिल के अस्थायी अध्यक्ष ओंकार कंवर और ब्रिक्स वुमन बिजनस एलायंस की अस्थायी अध्यक्ष संगीता रेड्डी भी कुछ रिपोट्स को पेश करेंगें

