चंडीगढ़ : किसान आंदोलन अब फिर तेज़ी पकड़ता दिख रहा है। किसान अपनी मांगों को लेकर लगातार प्रयासरत है। आज किसान अपनी मांगों को लेकर करनाल में बीते दिन प्रशासन के साथ वार्ता विफल होने के बाद से सचिवालय के बाहर पक्का मोर्चा लगा दिया है। आज गुरुवार को करनाल में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। अफवाहों को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम आगे बढ़ाया है. बीते दिन शाम को बैठक में किसानों के पक्ष के अधिकारों में बड़े नेता भी बेमियादी धरने का एलान किया है।
उधर बीच किसानों और सरकार का यह अड़ियल रवैया यहाँ के स्थानीय लोगों के लिए परेशानी बन गया है। आपको बतादें कि लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने तंबू लगा लिए हैं जिसके बाद इधर आने जाने वाले तमाम रास्ते पहले ही प्रशासन ने सील कर रखे हैं। आवाजाही खासी प्रभावित रही और लोग दूसरे रास्ते से निकलते नज़र आए हैं।
किसानों द्वारा नए मुद्दों पर करनाल का यह नया आंदोलन है। जिसपर समझौता हो पाएगा इसके आसार कम नज़र आ रहे हैं। 28 अगस्त को किसानों पर हुए लाठीचार्ज के बाद आंदोलन में जिन मांगों को किया जा रहा है, उन्हें सरकार जायज नहीं बता रही है। लेकिन किसानों ने इस आंदोलन को अब ‘न्याय की जंग’ करार दे दिया है।

