पहाड़ के स्कूल जहां शिक्षकों के लिए तरह रहे हैं। वहीं देहरादून में छात्र संख्या की अनदेखी कर मानक से अधिक शिक्षकों की तैनाती कर दी गई है। प्राथमिक के 45 सहायक अध्यापकों को पदोन्नत कर प्रधानाध्यापक बनाते हुए उनकी तैनाती की गई है। जिन स्कूलों में तीन शिक्षक होने चाहिए उनमें अब प्रधानाध्यापक सहित चार शिक्षक तैनात कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग में राज्य गठन के बाद से अधिकतर शिक्षक पहाड़ के दूरदराज के क्षेत्र के बजाए देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में तैनाती चाहते हैं। यही वजह है कि इन जिलों में शिक्षकों की तैनाती के लिए विधायकों और मंत्रियों तक की सिफारिश लगाई जाती है।
हालांकि पहाड़ और मैदान के जिलों में शिक्षकों की तैनाती में पारदर्शिता के लिए सरकार की ओर से तबादला एक्ट बनाया गया है।इसके बावजूद पहाड़ के कुछ क्षेत्रों के विद्यालय रिक्त पड़े है वहां देहरादून में मानक से अधिक शिक्षक तैनाती हो रही है। ताजा मामला देहरादून से है कि सात नवंबर 2022 को विभाग की ओर से राजकीय प्राथमिक विद्यालयों के सहायक अध्यापक से प्रधानाध्यापक के पद पर 45 शिक्षकों की पदोन्नति की सूची मिली है।
इन स्कूलों से सम्बन्ध –राजकीय प्राथमिक विद्यालय रायपुर में 70 छात्रों पर मानक के अनुसार पहले से तीन शिक्षक हैं, और अन्य भी ट्रांसफर होकर आए है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय किशनपुर में पहले से 75 छात्रों पर मानक के अनुसार तीन शिक्षक हैं, लेकिन अब एक अन्य को यहां भेजा गया है।
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सुंदरवाला बस्ती में 70 छात्रों पर मानक के अनुसार पहले से तीन शिक्षक हैं अब एक अन्य को भेजा गया।

