लखनऊ : मुकेश चंद्र शर्मा स्नेहलता के तीसरे नंबर के बेटे हैं। वह जानकीपुरम में रहते हैं और कभी कभी माँ से मिलने आते रहते थे। नवरात्र के पहले दिन रविवार को भी मुकेश सुबह करीब 11 बजे मां को फल देने आए थे और एक घंटे बाद वो वापस चले गए।
रात करीब पौने आठ बजे स्नेहलता की लुधियाना निवासी पोती ने पड़ोसियों को फोन लगाया और और कहा कि दादी को कॉल कर रही हैं, लेकिन वो रिसीव नहीं कर रही। इस पर देवेंद्र अपनी छत से कूदकर स्नेहलता के मकान की छत पर गए।
लेकिन जब देवेंद्र पडोसी नेजाल से नीचे झाँका तो वो हक्का बक्का रह गया,स्नेहलता आंगन में खून से लथपथ पड़ी थीं। पड़ोसियों की सूचना पर उनके बेटे व अन्य परिजन पहुंचे। इसके बाद पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।अभी तक कुछ शक कि सुइयां स्नेहलता के पोते की तरफ इशारा कर रहीं हैं, क्यूंकि पूछताछ में वह बातों को घुमाता रहा। यहां तक कि उसका व्यवहार ऐसा था जैसे वह साइको टाइप हो।

