मणिपुर में चार महीनों से हिंसा बनी हुई है। तीन मई को भड़की जातीय हिंसा में कम से कम 175 लोग मरे हैं। वहीं, एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
आईजीपी आईके मुइवा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया है कि मणिपुर में फिलहाल स्थिति ठीक नहीं हैं। शांति लाने के लिए हर संभव कार्रवाई हो रही है। उन्होंने कहा कि हम राज्य के लोगों को पूरा वादा करते हैं कि पुलिस, केंद्रीय बल और नागरिक प्रशासन सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए चौबीसों घंटे कार्य कर रहे हैं। 9,332 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। वहीं, 325 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
मुइवा ने कहा कि मई की शुरुआत में जातीय हिंसा भड़क गई थी और तबसे ये हिंसा कई जाने ले चुकी हैं कई अन्य घायल भी हुए हैं। अबतक कम से कम 175 लोग मारे गए हैं, जिनमें से नौ अभी लापता हैं। वहीं, 1,108 घायल हुए, 32 लोग गयाब है।
अधिकारी ने बीते दिन गुरुवार को जानकारी दी है कि लापता हथियारों में से 1,359 आग्नेयास्त्र और 15,050 गोला-बारूद बरामद हुए हैं। हिंसा के दौरान कथित तौर पर दंगाइयों ने पुलिस के बड़ी संख्या में हथियार और गोला-बारूद लूट लिए थे। मुइवा ने बताया कि उपद्रवी कुल 4,786 घरों को आग के हवाले कर चुके हैं। 5,172 मामले दर्ज किए गए हैं।

