उत्तराखंड के राजीव गांधी नवोदय विद्यालयों में केंद्रीय विद्यालयों की तरह शिक्षकों को चुना जाएगा। खबर है कि करीब 19 साल बाद प्रदेश सरकार ने नवोदय विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती के लिए अलग सेवा नियमावली बनाने की बात समक्ष कही है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने विभागीय सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम को सेवा नियमावली का प्रस्ताव तैयार करने की बात कही है। यह आदेश पारित कर दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। अगले दो महीने के भीतर नियमावली वजूद में आ जाएगी।
प्रदेश में एनडी तिवारी सरकार में वर्ष 2003 में राजीव गांधी नवोदय विद्यालय खुले है, लेकिन इन स्कूलों के शिक्षकों के लिए अलग से कोई सेवा नियमावली न होने से वर्तमान में इन स्कूलों में तीन तरह के शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। राजकीय इंटर कालेजों से प्रतिनियुक्ति पर आने वाले शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति खत्म होने या फिर उनकी पदोन्नति होने पर इन शिक्षकों के अपनी मूल तैनाती पर चले जाने से नवोदय विद्यालयों में अक्सर शिक्षकों के अभाव की समस्या रहती है।

