राजधानी दून में फर्जी डॉक्टरों को डिग्री देने वाले मुजफ्फरनगर के हिस्ट्रीशीटर इमलाख की संपत्तियों की जांच होनी शुरू हो गई है इस मामलें में बीते दिन मंगलवार को टीम के इंचार्ज एसपी क्राइम सर्वेश पंवार ने सदस्यों के साथ समीक्षा बैठक रखी जिसमें उन्होंने 34 डॉक्टरों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनाने की बात कही। इसमें ज्यादातर डॉक्टर अपना क्लीनिक छोड़कर भाग गए हैं। इनके ठिकानों पर पुलिस की दबिश जारी है।
एसपी क्राइम ने दिशा निर्देश दिए हैं कि फरार चल रहे गिरोह के मुख्य आरोपी और डॉक्टरों का रिकॉर्ड जुटाया जाए और आरोपियों के बैंक खातों की भी डिटेल इकठ्ठी की जाएं इमलाख ने फर्जी डिग्री बनाकर कितनी संपत्तियां जुटाई हैं। जल्द ही आरोपी डॉक्टरों की गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू होगी।
मामला – मामले में फर्जी डिग्री तैयार कराई गयीं और और भारतीय चिकित्सा परिषद उत्तराखंड में पंजीकरण कराया गया। दून के प्रेमनगर और रायपुर में क्लीनिक खोल दिए। शुरूआती जांच में 36 डॉक्टरों के नाम पता चले थे। एसपी क्राइम ने बताया कि इनमें से कई देहरादून में हैं। जबकि, ज्यादातर देहरादून के हैं।

