लेप्टोस्पायरोसिस बीमारी चूहों से जानवर और जानवर से इंसान को संक्रमित करती है। चूहों और कुत्तों की यूरिन के टच में आने से ये बीमारी इंसानों को भी हो सकती है। क्राइमिन कांगो रक्तस्नावी बुखार नामक वायरस गुजरात और राजस्थान में मिला है। यह वायरस इंसान में आ जाए तो मौत भी हो जाती है। गौरतलब है कि निपाह और जीका वायरस से संक्रमित हो जाने पर मौत हो जाती है। ये वरिष्ठ विशेषज्ञों का कहना है। डॉक्टरों ने बताया है कि ब्रूसीलोसिस नाम की बीमारी भी पशुओं से इंसान में पहुँच सकती है। पशुओं को ब्रूसीलोसिस से बचाने के लिए सरकार ने वैक्सीनेशन अभियान चलाया है और अब पूरे देशभर में किसानों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया गया है। पशुपालक 4 से 8 महीने की गर्भवती गाय को बीमारी से बचाने के लिए वैक्सीनेशन जरूर कराए। एक बार वैक्सीनेशन के बाद दोबारा से लगवाने की जरूरत नही होती। इंसानों में इसे वैक्सीनेशन से रोका जा सकता है।भैंस और गाय दोनों में ब्रूसीलोसिस बीमारी बराबर फैलती है और दोनों में समान रूप से डर बना सकतीं हैं। आपको बतादें कि पशुओं और वन्य जीवन से आने वाली बीमारियों के लिए भारत में 2006 में पहली नेशनल जूनोसिस कमेटी बनाई तैयार की थी जो कि अब जानवरों व पशुओं से होने वाली बीमारियों की रोकथाम पर काम कर रहीं है।
नए वायरस की दस्तक, इंसानों को खतरा- मौत का बना डर

