आपने आज तक बच्चो के परीक्षा उत्तीर्ण पर, उन्हें किसी खेल में जीत मिलने या अन्य उत्सव मनाने के उपलक्ष्य में आयोजन होते करते देखे होंगें लेकिन यहां एक रागिनी नाम की लड़की के जीवन में पहले मासिक धर्म आने पर इसका जश्न मनाया गया जिस जश्न से समाज की रूढ़िवादी सोच को आइना दिखाने की बात कही गई है। सामने आ जाती है। इसी सोच को किनारा देते हुए उत्तराखंड में काशीपुर के एक पिता ने अपनी बिटिया के पहले पीरियड्स को सेलीब्रेट किया । पिता की इस सोच को सोशल मीडिया से लेकर आम लोगों तक की सराहना दी जा रही है। पीरियड का दर्द झेलने वाली अन्य बेटियां भी एक पिता की इस सोच पर सबको गर्व हो रहा है।
गिरिताल काशीपुर निवासी जितेंद्र ने कहा है कि मूलरूप से ग्राम चांदनी बनबसा से हैं और परिवार की भी पहले रूढ़िवादी सोच थी। विवाह के बाद पत्नी के जरिये उन्हें जब इसका पता चला तो उन्होंने पूरे परिवार और समाज की सोच बदलने की कोशिश की। मासिक धर्म कोई अपवित्रता नहीं है, ये एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इस दौरान लोगों ने रागिनी को कई उपहार दिए। कुछ लोगों ने उसे उपहारस्वरूप सेनेटरी पैड भी भेंट किए।

