देहरादून : अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने पर भाजपा से 6 साल के लिए निष्काषित होने के बाद पूर्व मंत्री और कोटद्वार से विधायक हरक सिंह रावत की राहें अभी भी आसान नहीं हुई हैं। बता दें कि कांग्रेस में शामिल होने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है , लेकिन पार्टी आलाकमान और प्रदेश के कॉंग्रेसी नेताओं के साथ बातचीत का दौर लगातार चल रहा है। हरक सिंह रावत को दोबारा कॉंग्रेस में शामिल करने पर पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि हरक सिंह को लेकर जो भी पार्टी फ़ैसला करेगी वो मान्य होगा , लेकिन हरक सिंह को उनकी ही शर्तो के आधार पर पार्टी में शामिल ना किया जाए।
आपको बता दें कि पिछले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले हरक सिंह रावत समेत कई कांग्रेसी विधायकों ने बगावत कर दी थी जिससे तत्कालीन कांग्रेस की सरकार संकट में आ गई और उसके बाद चुनावों में भाजपा ने कांग्रेस को क़रारी शिकस्त दी थी। तभी से पूर्व सीएम हरीश रावत और हरक सिंह रावत के बीच दूरियाँ काफ़ी बढ़ गई थी। दोनों नेता समय-समय पर एक दूसरे पर आरोप लगाते रहते थे। वहीं कांग्रेस की तरफ से बताया जा रहा है कि इस विषय पर मंथन चल रहा है , और आज इस मुद्दे पर फ़ैसला आजाएगा की हरक सिंह रावत कांग्रेस में शामिल होंगे या नहीं। और पार्टी आलाकमान का जो भी निर्णय होगा वो सभी को मान्य होगा।हरक सिंह रावत को कांग्रेस में दोबारा वापस लेने के विषय में पूछे जाने पर उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस केअध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी में आगे जो भी फैसला होगा,वह सर्वमान्य होगा।

