देहरादून : जहाँ बीते वर्ष देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण से तबाही मची वहीँ पिछले कुछ महीनों से लोगों ने रहत की साँस भी ली,लेकिन अब वैश्विक महामारी कोरोना ने अपने पैर पसारने फिरसे शुरू कर दिए हैं। जिसके चलते अब उत्तराखंड में कोरोना फिरसे अधिक संक्रमण के मामलों के साथ दस्तक देता दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि अभी कुछ ही दिन पहले भारतीय वन अनुसंधान में 11 एक्टिव केस पाए गए थे,जिससे राजधानी देहरादून और आस पास लोगों की चिंताए बढ़ गयीं हैं ,इतना ही नहीं बल्कि FRI को कंटेनमेंट जोन भी घोषित कर दिया गया।
उत्तराखंड में कोरोना की गति भले ही धीमी पड़ी लेकिन अब द्वारा की गई गाइडलाइंस में लापरवाही अब सभी पर भारी पड़ने को तैयार है। बाजारों की जो व्यवस्था है वह किसी से छिपी नहीं है। जैसा सोचा गया था धीरे-धीरे लगता है उत्तराखंड एक बार फिर उसी कोरोना संक्रमण के चलते चिंताजनक स्थिति पर पहुंचने वाला है,क्यूंकि अब राज्य में मामलों में वृद्धि होना शुरू हो चूका हैं।
टीकाकरण के बावजूद उत्तराखंड में आज कोरोना के बड़े मामले सामने आए हैं जिनमें अकेले पौड़ी में 19 संक्रमण के केस है।
उत्तराखंड में आज कुल 36 मामले सामने आए हैं,जबकि मात्र 10 लोग रिकवर होकर अपने घर वापस गए हैं। यह हैरानी की बात है की पौड़ी जैसे जिले में इतनी बड़ी संख्या में संक्रमण के केस मिले हैं इसी तरह नैनीताल में 7,देहरादून में 5 केस दर्ज किए गए हैं।
कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार की ओर से भी कोई अधिक गंभीरता बरती जा रही हो, यह भी अब नजर नहीं आ रहा है। सरकार की ओर से छोटे बच्चों के स्कूलों को खोलने का भी फरमान काफी पहले जारी किया जा चुका है यह जानते हुए भी कि बच्चों में अभी तक टीकाकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ है। जिस तरह से एक बार फिर राज्य में कोरोना का विस्तार हो रहा है उसे देखते हुए अचेत होने की आवश्यकता है। क्यूंकि नए वैरिएंट में टी भी असरदार नहीं बताया जा रहा है। ऐसे में खुद की सावधानी और कोरोना से बचाव के नियमों का सख्ती से पालन करना ही सुरक्षित उपाय होगा।

