नई दिल्ली : कल से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो रहा है , शीतकालीन सत्र से पहले आज एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी। इस बैठक में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी हुई , इससे संसद के शीतकालीन सत्र के गरम होने की संभावना बढ़ गई है।आज की इस सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने सरकार के सामने किसानों के मुद्दों पर बहस की , न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किये जाने को लेकर सभी दलों ने सरकार से बिल लाने को कहा। किसानों के मुद्दे के अलावा विपक्ष ने बैठक में पेगासस जासूसी कांड, महंगाई,और बेरोजगारी जैसे कई मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की।
विपक्ष ने सरकार को यह आश्वासन भी दिया है कि वे उन मुद्दों पर सरकार को अपना समर्थन देंगे जो जनता के हित में होंगे। वे शीतकालीन सत्र को अनावश्यक रूप से बाधित नहीं करेंगे। इस बैठक के बाद विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, आज बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, अगर सरकार अच्छे विधेयक लेकर आएगी तो हम उनका ज़रूर समर्थन करेंगे। लेकिन अगर हमारी बात नहीं मानी गई और संसद सत्र बाधित होता है तो इसकी जिम्मेदार सरकार होगी। खड़गे ने कहा, हम अपेक्षा कर रहे थे कि बैठक में प्रधानमंत्री आएंगे, लेकिन किसी कारण से वह नहीं पहुंच पाए।आज की इस सर्वदलीय बैठक में में 31 पार्टियां शामिल हुई , प्रधानमंत्री को बैठक में आना था लेकिन वे नहीं आ पाये। और आम आदमी पार्टी ने इस बैठक से वाक आउट किया और कहा कि सरकार सिर्फ अपनी मनमानी करती है और बैठक में हमारी बातों को सुना भी नहीं जाता है।

