नई दिल्ली : आज देश का 71वां संविधान दिवस है। जिस मौके पर पीएम मोदी संसद भवन में आज कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे हैं। इस कार्यक्रम को कांग्रेस पार्टी समेत कई विपक्षी पार्टियों नै इसका बहिष्कार किया है। जिस पर तंज कस्ते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम किसी दल का नहीं था। उन्होंने बिना नाम लिए कांग्रेस पर हमला बोला। इस कार्यक्रम को राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति व लोकसभा स्पीकर ने भी संबोधित किया।पीएम ने ये भी कहा कि “यह कार्यक्रम किसी राजनैतिक दल का नहीं था।
किसी प्रधानमंत्री का नहीं था। यह कार्यक्रम स्पीकर पद की गरिमा थी। हम संविधान की गरिमा बनाए रखें। हम कर्त्तव्य पथ पर चलते रहें।”महात्मा गांधी ने आजादी के आंदोलन में अधिकारों के लिए लड़ते हुए भी देश को कर्त्तव्यों के लिए तैयार करने की कोशिश की थी। वे स्वदेशी, आत्मनिर्भर भारत का विचार लाए थे। महात्मा गांधी देश को तैयार कर रहे थे। उन्होंने जो बीज बोए थे वे वटवृक्ष बन जाने चाहिए थे। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ। अच्छा होता देश आजाद होने के बाद कर्त्तव्य पर बल दिया गया होता तो अधिकारों की अपने आप रक्षा होती। संविधान की भावना को चोट पहुंची है। इसकी एक-एक धारा को चोट पहुंची है। तब जब राजनैतिक धर्म लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों। जो दल लोकतांत्रिक कैरेक्टर खो चुके हों, वो लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं।
पीएम बोले -एक राजनीतिक दल, पार्टी- फॉर द फैमिली, पार्टी- बाय द फैमिली…
एक राजनीतिक दल, पार्टी- फॉर द फैमिली, पार्टी- बाय द फैमिली… आगे कहने की जरूरत नहीं लगती।”इतना ही नहीं पीएम ने भी कहा है कि हमारा संविधान सहस्त्रों वर्षों की महान परंपरा, अखंड धारा की अभिव्यक्ति है। इसलिए हमारे लिए संविधान के प्रति समर्पण और जब हम इस संवैधानिक व्यवस्था से जन प्रतिनिधि के रूप में ग्राम पंचायत से लेकर संसद तक जो भी दायित्व निभाते हैं, हमें संविधान के भाव से अपने आप को सज्ज रखना होगा।
आज डॉ. अंबेडकर, राजेंद्र प्रसाद, पूज्य बापू को स्मरण करने का विशेष दिन है। आजादी के लिए जिन्होंने अपने आपको खोया ,उन सबको नमन करने का दिन है। आज 26/11 ऐसा दुखद दिन है। जब देश के दुश्मनों ने देश के भीतर आकर मुंबई में ऐसी आतंकवादी घटना को अंजाम दिया।
भारत के संविधान में सूचित देश के सामान्य मानवीय की रक्षा की जिम्मेदारी के तहत हमारे वीर जवानों ने आतंकियों से लोहा लेते-लेते सर्वोच्च बलिदान दिया। मैं आज सभी को दिल से नमन करता हूँ। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि हमारे प्रगतिशील संविधान को देश विदेश हर जगह सम्मान की दृष्टि व प्रेरणा के श्रोत के रूप में देखा जाता है।
हमारे संविधान ने नागरिकों के लिए न्याय की व्यवस्था की है। संसद में हम देश की 135 करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करते हैं।कांग्रेस समेत 14 विपक्षी दलों ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया है।

