उत्तराखंड में भारी बारिश से मची तबाही ने कई घर उजाड़ दिए साथ ही काई दर्दनाक हादसे भी दिए हैं जहां टिहरी जिले के ग्वाड़ गांव पट्टी सकलाना के दंपति भी इस आपदा की चपेट में आकर अपनी जान गवा बैठे और पीछे छोड़ गए अपने दो मासूम बच्चे। दो मासूम भाई-बहन के सिर से माता-पिता का साया छीन गया। गांव में खेतीबाड़ी करने वाले इस दंपति ने अपने दोनों बच्चों को अच्छी पढ़ाई के लिए देहरादून पिछले चार वसालों से भेजा हुआ था। हालांकि हाल में ही रक्षाबंधन पर उनकी मां उनसे मिलने देहरादून आई थी और कहकर गई थीं कि मेहनत से पढ़ाई-लिखाई करना और बड़े आदमी बनना।
प्राकृतिक आपदा से आए मलबे में ग्वाड़ गांव में कई लोगों के मकान दब गए थे। जिसमें दबकर राजेंद्र सिंह राणा और उनकी पत्नी सुनीता राणा की भी मौत हो गई । बीते शनिवार को दोनों के शव को बचाव दल ने मलबे से निकाला था। उसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाए गए और राणा दंपति के बेटे सिद्धार्थ राणा (14 वर्ष) को लेकर उनके रिश्तेदार भी मालदेवता पहुंचे। सिद्धार्थ माता-पिता के शव को देखकर गुमसुम था। किसी तरह बताया कि मम्मी-पापा ने पढ़ाई के लिए उसे और बहन वंशिका राणा (12 वर्ष) को देहरादून में रांझावाला भेजा हुआ था

