चंडीगढ़ : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की कल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के बाद कयास लगाए जा रहे है की कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में शामिल हो सकते है। लेकिन उसके बाद एक प्रेस कहा की फिलहाल भाजपा में शामिल नहीं हो रहा हूं , लेकिन अब कांग्रेस में नहीं रह सकता हूं। इन खबरों के बाद चर्चा यह भी है कि क्या अमरिंदर सिंह अपनी एक नयी पार्टी बना सकते हैं। पिछले 22 सालों से कांग्रेस पार्टी को पंजाब में मजबूत कर रहे अमरिंदर सिंह अब उसी कांग्रेस पार्टी की बुनियाद हिलाने की तैयारी कर रहे हैं।
चर्चा यह भी है कि अगर अमरिंदर नई पार्टी बनाते हैं तो उनकी इस पार्टी में कौन-कौन हो सकता है। इसके लिए कैप्टन कांग्रेस के नाराज नेताओं को एकजुट करने में लगे हैं , पंजाब कांग्रेस में काफी समय से सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है , कई बड़े नेता शिकायत करते आ रहे हैं कि उनके साथ पार्टी में भेदभाव किया जा रहा है। बता दें की कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब में कांग्रेस को मज़बूत करने में अहम भूमिका निभाई है ।साल 1997 में कांग्रेस के सिर्फ 14 विधायक जीतकर सदन में पहुंचे थे और उस समय पंजाब में भाजपा-अकाली दल का बोलबाला था। लेकिन उसके बाद कैप्टन की सूझबूझ से 2002 में कांग्रेस को अपार सफलता मिली और कांग्रेस ने 14 से सीधे 61 सीटें जीती। कैप्टन ने सबसे अधिक झटका भाजपा को दिया था. उसके बाद कैप्टन के नेतृत्व में 2012 में कांग्रेस ने 46 सीटें जीती लेकिन सत्ता हाथ नहीं लगी। लेकिन कैप्टन ने हार नहीं मानी और 2017 में दोबारा कांग्रेस को 77 विधायकों के साथ सत्ता में लेकर आये।

