हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचकर दो मध्य प्रदेश के किसानों ने अपने बैलों का पिंडदान किया और फिर गांव वालों को मृत्यु भोज भी करवाया। खबर यूँ है कि एमपी के मंदसौर के दो भाईयों भवानी सिंह और उल्फत सिंह का एक बैल 14 दिसंबर को और दूसरा दो दिन बाद 16 दिसंबर को मर गया था । इन दोनों बैलों की मौत के बाद भवानी और उल्फत सिंह के परिवार ने सनातन परंपरा की प्रक्रिया के अनुसार 12 दिन का शोक किया औरहिन्दू रीति रिवाज से दोनों भाइयों ने बैलों का दाह संस्कार कर हरिद्वार आकर पुरोहित उमेश पाठक से विधि-विधान से उनकी अस्थियां गंगा में विसर्जित कराई।
इतना ही नहीं बल्कि गंगा से लौटने के बाद दोनों भाइयों ने 12 दिन के शोक के बाद मृत्युभोज का आयोजन भी किया । भाइयों ने कहा कि इन बैलों के निधन से उन्हें जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपायी कभी नहीं हो सकती. इन दोनों बैलों को उन लोगों ने बचपन से पाला था. इन बैलों का स्थान उनके पिता के समान है। सभी बैलों के प्रति उनके इस सम्मान का ये प्यार लोगों में चर्चा का विषय बन गया है, और सभी के द्वारा इसे सराहा जा रहा है।

