प्रियंका वाड्रा बोलीं-जब तक मामलें की जांच हो पद छोड़ें अजय मिश्र,अखिलेश यादव हुए लखीमपुर को रवाना

लखीमपुर खीरी : लखीमपुर खीरी में बीते रविवार 3 अक्टूबर को हुई हिंसा का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। घटना के बाद से यूपी में कोहराम सा मचा है इसी बीच विपक्षी पार्टियां  विरोध में उतर आई हैं इसी कड़ी में प्रियंका गाँधी वाड्रा की गिरफ्तारी हुई,सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी हिरासत में लिया गया।  3 अक्टूबर से अभी तक इसपर  सियासत जारी है। एक ओर इस मामले में जहां न्यायिक जांच के लिए एक सदस्यीय आयोग का गठन कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर सरकार से उन्हें गुरफ्तार किए जानें की मांग करने लगे हैं। आज बुधवार को राहुल और प्रियंका गांधी के पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद आज अखिलेश यादव, सतीश मिश्रा नवजोत सिद्धू समेत कई विपक्षी नेता लखीमपुर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे हैं। आपको बतादें कि लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा मामले में न्याय की मांग कर रहे राहुल गांधी को लेकर केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि, ‘राहुल गांधी को मालूम नहीं कि क्या बोल रहे हैं क्या नहीं। जब वे लोग इससे सहमत हैं तो उनको ऐसी बात करने का क्या औचित्य है कि वे कह रहे हैं कि न्याय चाहिए। उन लोगों को न्याय मिलेगा, सरकार जांच कराने के लिए तत्पर है।जल्द ही घटना में दोषी पाए जानें  वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आज सुबह लखनऊ से लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गए है। यहां वो मृतक किसानों और पत्रकार के परिवार से मिलेंगें।

लखीमपुर के लिए रवाना होने से पहले अखिलेश यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कि आप न्याय की उम्मीद कैसे कर सकते हैं जब गृहराज्य मंत्री खुद लोगों धमकाएं। सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर चर्चा करते हुए कहा है कि  हम उम्मीद करते हैं कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलेगा। बुधवार देर रात तक प्रियंका गांधी और राहुल गांधी मृतक किसानों और पत्रकार के परिवारों से मिल चुके हैं। इसके बाद गुरुवार सुबह प्रियंका ने कहा है कि लोकतंत्र में न्याय हमारा अधिकार है। जब पीड़ितों को न्याय नहीं मिल जाता मैं उनके लिए लड़ूंगी। मैं कल जिन भी परिवारों से मिली उनकी सिर्फ एक मांग थी कि हमें न्याय दिलाओ। प्रियंका ने ये भी कहा है कि गृहराज्य मंत्री अजय मिश्र की नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। जब तक घटना की पूरी जांच नहीं हो जाती उन्हें  अड़ से हटा देना चाहिए।

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