नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी को मानहानि के केस में 2 साल की सजा सुनाए जाने के बाद संसदीय सदस्यता रद्द कर दी गई है। इस पर कांग्रेस के सभी नेता आक्रोशित हैं। इसके बाद कांग्रेस के कई बड़े नेताओं नें एक बैठक की जिसमें वह आगे की रणनीति की योजना बना रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कांग्रेस की बैठक में एक सांसद ने यह प्रस्ताव भी रखा है कि सभी सांसदों को इस्तीफा दे देना चाहिए। हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
इस फ़ैसले के बाद प्रियंका गांधी ने इस बैठक में कहा कि कर्नाटक में चुनावों में हमें पूरी ताकत दिखानी है। अगर पार्टी कर्नाटक में चुनाव जीतती है तो भाजपा को अपने आप जवाब मिल जाएगा। उन्होंने इस दौरान यह भी कहा है कि आगे क्या करना है इसले लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा । इसके बाद से कमेटी ही देखेगी कि क्या जरुरी फैसले लेने हैं। हालांकि इस बैठक में राज्यों की विधानसभाओं में भी विरोध प्रदर्शन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई है।
हालांकि इस मामले में जयराम रमेश ने एक पत्रकारवार्ता में कहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी की सदस्यता रद्द होने के बाद राजनीतिक रणनीति पर चर्चा हुई है। अभिषेक मनु सिंघवी ने इस दौरान सभी नेताओं को कानूनी सलाह दी। जयराम ने आगे कहा कि भारत जोड़ो यात्रा से पार्टी में एक नया जोश आया है। अब इस तरह की राजनीति पर कांग्रेस पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित करने के बारे में सोच रही है।इसी बीच खबर आ रही है कि कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच एक अलग से बैठक हुई है इस बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे , प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत, रणदीप सुरजेवाला जैसे बड़े नेता शामिल थे ।
राहुल की सदस्यता रद्द होने के बाद पार्टी ने लिया बड़ा फ़ैसला

