श्री राम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित राम मंदिर में रामलला की नई मूर्ति की पहली आरती पीएम मोदी द्वारा उतारी गई। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में 150 वैदिक आचार्यों को कार्य सौपे गए हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने कहा कि काशी के शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती के मार्गदर्शन में आचार्याों की टोली बनाई गई है। काशी के वैदिक विद्वान लक्ष्मीकांत दीक्षित प्रमुख आचार्य रहेंगे। डेढ़ सौ पंडितों की टोली रहेगी, जो विभिन्न पारायण, पाठ, यज्ञ करेंगी।
काशी के ही प्रसिद्ध वैदिक विद्वान गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ की निगरानी में सारे अनुष्ठान किए जाएंगे। 17 जनवरी को रामलला की अचल मूर्ति की भव्य शोभायात्रा निकालकर राम जन्मभूमि परिसर में स्थापित होगी। उसके बाद 18 जनवरी से पूजन, अर्चन अनुष्ठान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जटायु उन कारसेवकों, बलिदानियों के प्रतीक हैं, जिन्होंने भगवान के कार्य के लिए जीवन को न्योछावर किया।

