मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन होने की सम्भावना बनी हुई है। दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बात चल रही है। इस बड़े एलान के बाद दोनों पार्टियों के प्रमुख नेता मंच भी दिखाई देंगे। मध्य प्रदेश में 25-30 सीटों पर यादव मतदाता निर्णायक माने जाते हैं। करीब 50 सीटों पर इनकी अच्ची खासी संख्या है। मुस्लिमों का रुझान कांग्रेस के लिए औरयादव मतदाताओं पर भाजपा की अच्छी पकड़ है। प्रमुख नेता साझा मंच से प्रचार करेंगे तो यादव मतदाताओं को साथ लाने में मदद मिलेगी।
मध्य प्रदेश के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने पूरी ताकत से चुनाव लड़ने की तैयार कर ली है। चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति तैयार हो चुकी है जिसके तहत वोट प्लस करने वाले अन्य दलों को साथ लाने की उसकी योजना है।
यूं तो मध्य प्रदेश में सपा का कोई बड़ा जनाधार नहीं है, लेकिन यादव बहुल कई सीटों पर उसका पहले से ही उसका राज है।
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने बिजावर सीट जीती थी, जबकि पांच सीटों पर दूसरे नंबर पर रही थी। इन छह सीटों के अलावा चार अन्य सीटें सपा गठबंधन के तहत मांग रही है।

