गाज़ियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद से बेहद दर्दनाक मामला सामने आया है, जिला के मधुबन बापूधाम क्षेत्र में लड़की के साथ शादी के वादे कर जबदस्ती बलात्कार का शर्मनाक मामला निकलकर आया है। इसमें प्रशासन की लापरवाही साफ़ दिख रही है,पीड़िता की लम्बी गुहार के बाद उसकी पुलिस ने FIR लिखी है।
मीडिया ख़बरों के मुताबिक़, यह मामला जिला गाज़ियाबाद का बताया जा रहा है .बलात्कार पीड़िता अरुणिमा चौधरी पुत्री श्री ऋषिपाल सिंह ,निवासी सिग्नेचर होम्स ,डी-ब्लाक ,स्वर्ण जयंती पुरम ,थाना मधुबन बापूधाम,के साथ आरोपी अभिजीत वीरभान पुत्र अजयवीर सिंह ने शादी के वादे किए और उसका बलात्कार किया। अपने अन्य रिश्तेदारों द्वारा भी उसके जबदस्ती कराने का प्रयास किया।
पीड़िता के विरोध करने पर उसके साथ मारपीट ,अपाकृतिक शारीरिक शोषण किया इतना ही नहीं बल्कि इसमे आरोपित के घर वालो का भी योगदान रहा है। इस तरह के जघन्य अपराध में घर वालो ने भी आरोपित का साथ दिया।
पीड़िता की आप बीती –
पीड़िता से बात करके पता चला कि वह आईटीएस डेंटल कॉलेज,मुरादनगर से बीपीटी की पढाई कर रही थी ,उसी समय सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से आरोपित अभिजीत वीरभान पुत्र अजयवीर सिंह निवासी 273,मेरठ रोड,ग्राम दुहाई,थाना मधुबन बापूधाम ,जिला गाज़ियाबाद, से बातचीत शुरू हुयी थी . उक्त आरोपित अभिजीत वीरभान ने शादी का झासा देकर पीड़िता से कई बार शारीरिक सम्बंध बना लिया. पीड़िता के दबाव देने पर आरोपित के माता पिता व बहन बहनोई ने दिनांक 21.10.2022 को आर्य समाज मंदिर का फर्जी कागज बनाकर गाज़ियाबाद सब रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकरण कराया ,लेकिन अभिजीत के माता पिता ने शाजिश के तहत अपने निवास दुहाई नहीं ले गए और ना ही समाज के सामने कभी शादी को स्वीकार किया।
आरोपित अभिजीत और उसके माता पिता ने शाजिश के तहत गलत मंशा से बहन बहनोई के किराये के मकान 23 मन 172,फोर्थ फ्लोर ,डी-ब्लाक ,स्वर्ण जयंती पुरम में रखा. जहाँ आरोपित अभिजीत अक्सर आकार जबदस्ती पीड़िता के साथ अप्राकृतिक रूप से शारीरिक सम्बन्ध बनाता था . यही नहीं पीड़िता का विडियो और फोटो बनाकर भी रख लेता था .
पीड़िता के विरोध करने पर गाली गलोच मारपीट भी करता था. यही नहीं दिनांक 25.10.2022 की रात बहनोई अभिषेक(आरोपित का) का छोटा भाई शेखर ने भी पीड़िता के साथ दुराचार करने का प्रयास किया. इस तरह के अमानवीय हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने आरोपित के माता पिता से कहा की अगर आप लोग मुझे सामाजिक रूप नहीं अपनायेगे तो मैं इसकी शिकायत पुलिस से कर दुगी , इस पर उन लोगो ने कहा कि तुम (पीड़िता) बलात्कार का केस न कर पाओ इसलिए हम लोगो ने शादी का झूठा पंजीकरण करा दिया था. यही नहीं उन लोगो ने दिनांक 07.02.2023 को शाजिश के तहत कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराकर दिनांक 21.10.2023 को हुए पंजीकरण को भी निरस्त करा दिया था .
इस सभी साजिशों को जानकर पीड़िता को अहसास हुआ कि केवल शारीरिक अत्याचार करने के उद्देश्य से उसे यहां लाया गया था। पीड़िता को धमकी दी जाती रही कि अगर उसने कहीं शिकायत करने की तो, उसे जान से मार दिया जाएगा।
पुलिस भी हुई मूक –
इस सभी प्रकरण को थाना मधुबन बापूधाम जिला गाज़ियाबाद में पीड़िता ने FIR दर्ज कराने का प्रयास किया लेकिन पुलिस द्वारा उसकी सुनवाई नहीं हुयी. पीड़िता के परिवार वालो ने बताया कि पीड़िता मानसिक स्थिति बहुत ही ख़राब है और किसी कार्यवाही ना होने की स्थिति में आत्महत्या करने का भी सोच रही है. कई बार थाने का चक्कर लगाने और मीडिया का दबाव देने के बाद दिनांक 25.09.2023 को पीड़िता की FIR सेक्शन 376,377,354,420,504 व 506 के तहत दर्ज की गई है।
इन संगीन धारायों में FIR दर्ज होने बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित अभिजीत को अरेस्ट किया जिसकी पुष्टि खुद थानाध्यक्ष ने पीड़िता के परिवार को दिया था . लेकिन कुछ ही समय बाद पुलिस ने मुख्य बलात्कार के आरोपित को छोड़ भी दिया.जिसके बाद वह पीड़िता और उसके परिवार को धमका रहा है. आरोपित दबंग ,रसुकदार और गुड्डे प्रवित्ति का है .इस संगीन मामलें में आरोपी के खिलाफ मूक बन बैठी पुलिस की लापरवाही साफ़ दिख रही है। पुलिस की लापरवाही संदेह की श्रेणी में दिखाई दे रही हैं।

