उत्तराखंड में हाथी से जंगल सफारी की संभावनाएं एक्सपर्ट कमेटी तैयार करेगी। प्रदेश सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए हाथी से जंगल सफारी शुरू करवाने की योजना तैयार हो रही है। इसके लिए राजाजी के निदेशक की अध्यक्षता में छह सदस्यीय एक्सपर्ट टीम भी बनाई गई है। टीम दिसंबर पहले हफ्ते तक हाथी से जंगल सफारी की संभावनाओं को लेकर सरकार को रिपोर्ट सौपी है। हरिद्वार का चीला और मोतीचूर रेंज हाथी की सफारी के लिए सबसे फेमस बताया जाता है। हाथी विशालकाय होने के साथ सबसे समझदार जानवर है। कई राज्यों में हाथी की सफारी होती है। उत्तराखंड में हाथी सफारि पर फिलहाल रोक लगी है।
उत्तराखंड में ईको टूरिज्म की अपार संभावनाएं हैं। सरकार ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नए-नए विकल्पों पर मंथन कर रही है। हाथी की सफारी भी इन्हीं में शामिल है। राजाजी पार्क और जिम कार्बेट पार्क ईको टूरिज्म के सबसे बड़े सेंटर हैं। सालाना हजारों देशी और विदेशी सैलानी पार्कों में जिप्सी से जंगल सफारी करते हैं। जंगली जानवरों, नदी, झरनों और प्राकृतिक सौंदर्य को देखते हैं।

