देश में कई शिक्षक अमान्य एवं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में नियुक्ति होकर बच्चो को पढ़ा रहे हैं। एसआईटी को जांच के आदेश दिए गए थे ,जिसके बाद अब
जांच के बाद अब तक 65 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं। वहीं 7 अन्य शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं, लेकिन भर्ती में गड़बड़ी के आरोपी एवं इस तरह के शिक्षकों को नियुक्ति देने वाले एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।प्रमाण पत्र जांच में फर्जी मिले हैं। उनमें 62 शिक्षकों की सेवाएं खत्म कर दी गयीं हैं । 13 शिक्षक सेवा समाप्ति के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए हैं। जबकि 7 अन्य शिक्षकों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई चल रही हैं।

