भारतीय विज्ञान संस्थान बंगलूरू और आईआईटी मंडी व आईआईटी गुवाहाटी की तरफ से एक अध्ययन में इस बात का पूरा ढाबा हुआ है कि देश के सभी 612 जिले जलवायु परिवर्तन में आने वाले हैं। इनमें भी देश के पूर्वी हिस्से के 100 जिले जलवायु परिवर्तन की चपेट में आने के पूरे निशाने पर हैं।
केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के समर्थन से यह अध्ययन किया गया। इस किए गए अध्यन में देश के आठ राज्यों- झारखंड, मिजोरम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, असम, बिहार, अरूणाचल प्रदेश व पश्चिम बंगाल जलवायु परिवर्तन की दृष्टि से अधिक खतरे के निशान पर हैं। नीति समन्वय और कार्यक्रम प्रबंधन (पीसीपीएम) प्रभाग और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ अखिलेश गुप्ता ने एक नीतिगत संवाद में यह बात कही है।
इसमें कहा गया है कि देश के सभी 612 जिलों में अध्ययन किया गया और ये सभी जलवायु परिवर्तन की मार से प्रभावित पाए गए। हालांकि 100 जिले ऐसे हैं जो इसके सबसे ज्यादा चपेट में हैं। आपको बतादें कि अगर वैश्विक तापमान औद्योगिकीकरण पूर्व के युग से 1.1 डिग्री बढ़ चुका है और आने वाले दो दशकों में यह बढ़कर 1.5 डिग्री तक पहुंचेगा तो,भारत पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। ग्रीष्म लहर की आवर्ति, गंभीरता व अवधि बढ़ सकती है
देश के सभी 612 जिलों में जलवायु परिवर्तन का खतरा : उत्तराखंड

