वायरल और डेंगू का कहर,फ़िरोज़ाबाद में 24 घण्टें में करीब 45 बच्चों की मौत

फ़िरोज़ाबाद : जहाँ एक तरफ पूरे विश्व में कोरोना संक्रमण का कहर सभी जगह बरपा हुआ है वहीँ अब बारिश का मौसम आते ही अन्य संक्रमण अपने पैर पसरते दिख रहे हैं अभी तक तो एक दो लेकिन आज यूपी के फिरोजाबाद जिले से खतरे की घंटी बजी है,वो यूँ क्यूंकि यहाँ पर डेंगू और वायरल बुखार मासूम बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। आपको बतादें की आज (मंगलवार)रात तक की रिपोर्ट के अनुसार 24 घंटे में करीब 45 बच्चो की मौत हुई है। अब जिले में मौत का आंकड़ा 56 पार कर गया है। देहात क्षेत्रों में वायरल बुखार फैलने की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम दौड़ती नजर आईं। फ़िरोज़ाबाद में कायम लगाकर बुखार और संक्रमण की दवाइयां भी वितरित की जा रहीं हैं। 
यहाँ के सौ शैय्या अस्पताल में 185 बच्चे अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। 

बुखार से खत्म हुए बच्चो की सूची —

सुदामा नगर निवासी लकी शर्मा (6) पुत्र संजय शर्मा की प्लेटलेट्स कम होने पर सौ शैय्या अस्पताल से आगरा रेफर कर दिया था। रास्ते में उसकी मौत हो गई। झलकारी नगर निवासी राज (10) पुत्र किशन प्रजापति की प्लेटलेट्स एकाएक कम हो गई थीं।आज उसकी मौत हुई। हिमांयूपुर निवासी एक वर्षीय धर्मेंद्र पुत्र सोपाली की सौ शैय्या अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। सोमवार को धर्मेंद्र को तेज बुखार आने पर परिजन इलाज के लिए सौ शैय्या अस्पताल लाए थे। मोहल्ला झलकारी नगर गली नंबर चार निवासी हिमांशी शंखवार(8) पुत्री पंकज शंखवार की निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई है। आज करीब 122 लोगों के ब्लड टेस्ट हुए हैं। प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिन सोमवार को मेडिकल कॉलेज में वायरल बुखार और डेंगू से पीड़ित मरीजों से मिले थे। अफसरों के साथ बैठक कर बदइंतजामियों पर नाराजगी जाहिर की थी। मुख्यमंत्री के दौरे के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। 

मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देख संसाधन जुटाना शुरू कर दिए हैं। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को भी आपाधापी की स्थिति रही। कानपुर और आगरा से मेडिकल कॉलेज में बच्चो के डॉक्टर्स बुलाए गए हैं। शो शय्या अस्पताल में सभी बीएड भर चुकें हैं। यहाँ करीब 40 से अधिक बच्चों को छुट्टी दी गई, लेकिन मंगलवार को 50 से अधिक नए पीड़ित बच्चों को भर्ती किया गया। तेज बुखार और बेहोशी की हालत में परिजन बच्चों को भर्ती कराने के लिए पहुंचे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *