हरिद्वार : वर्ष के अंतिम स्नान पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर हरिद्वार में आस्था का सैलाब इकठ्ठा हुआ। सुबह से शाम तक गंगा घाटों पर जमावड़ा लगाए रहा। ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुए स्नान में शाम सात बजे तक 16 लाख 10 हजार श्रद्धालुओं ने गंगा में पवित्र डुबकी लगाई। शाम को चंद्र ग्रहण की अवधि में श्रद्धालुओं ने जाप और दान करके भगवान का आशीर्वाद लिया और पुण्य कमाया। कड़ी सुरक्षा के बीच स्नान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने पर अधिकारियों ने राहत की सांस ली। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान का धार्मिक महत्व है। वर्ष का अंतिम स्नान पर्व होने के कारण बड़ी संख्या में विभिन्न प्रदेशों के श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं। इस दिन गंगा में स्नान और दान पुण्य करना सौ गुना फलदायी होता है। मंगलवार को चंद्रग्रहण के कारण स्नान और गंगा तट पर जाप का महत्व अधिक बढ़ गया इसलिए कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए सोमवार रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। सोमवार रात को ही होटल, लॉज, धर्मशालाएं और आश्रम पूरी तरह से पैक हो गए थे। पार्किंग फुल होने से सड़कों के किनारे और खाली मैदा में वाहन खड़े करने पड़े।
हरिद्वार में 16 लाख श्रद्धालुओं ने किया पावन स्नान

