राज्य सरकार ने कुम्भ 2021 के दौरान कोरोना से बचाव हेतु एसओपी जारी कर दी है। इसमें सबके लिए अलग अलग नियम व शर्ते तय की गई हैं।
आगामी मार्च अप्रैल माह में हरिद्वार में होने वाले कुम्भ मेले पर कोरोना महामारी का साया पड़ रहा है। राज्य से लेकर केंद्र सरकार तक ने आगंतुक श्रद्धालुओं के लिए अलग अलग एसओपी जारी की हैं।
राज्य के आपदा प्रबंधन व पुनर्वास सचिव एस ए मुरुगेशन द्वारा जारी एसओपी में धर्मशालाओं, आश्रमों, होटल-रेस्टोरेंट, दुकानों, धार्मिक स्थलों-घाटों, परिवहन-रेल, पार्किंग आदि के लिए अलग अलग विस्तृत एसओपी जारी की गई हैं।
इसके अनुसार कुम्भ मेले की अधिसूचित स्नान तिथियों पर केवल आवश्यक वस्तुओं की दुकान ही खुलेंगी। इनमें भोजन, डेयरी, दवा, पूजा सामग्री, कंबल इत्यादि की दुकानें शामिल हैं।
इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि मेले के दौरान अत्यधिक भीड़ से बचाव के लिए ऐसा किया गया है जिससे कोरोना संक्रमण को रोका जा सके।
वहीं श्रद्धालुओं को स्नान हेतु आने से पूर्व कुम्भ पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना आवश्यक होगा। इसके लिए आने से 72 घंटे पूर्व तक कि कोरोना नेगेटिव रिपोर्ट भी लानी होगी।
यात्रियों को पंजीकरण कराकर आने पर ही होटल आदि में ठहरने के लिए कमरा मिल पायेगा। एसओपी के अनुसार कोई भी होटल, आश्रम व धर्मशाला बिना पंजीकरण के आये स्नानार्थी को नहीं ठहरा सकेगा।
इसके अलावा यात्रियों को होटल में प्रवेश करते वक़्त अपने मूल स्थान से जारी कोरोना फिटनेस प्रमाण पत्र भी देना होगा।
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में किसी भी स्थान पर संगठित रूप से भजन, गायन व भंडारे आदि के आयोजन पर भी प्रतिबंध रहेगा।
राज्य के बॉर्डर पर आगंतुक श्रद्धालुओं को रजिस्ट्रेशन पास दिखाना होगा तभी उनको राज्य की सीमा में प्रवेश मिलेगा। इस दौरान यात्रियों की कलाई पर चैक्ड मार्क की मोहर भी लगाई जाएगी।
एसओपी का पालन न करने वालों पर आपदा प्रबंधन अधिनियम व महामारी एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही होगी।
कुम्भ: स्नान तिथियों पर सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की दुकानें ही खुलेंगी

