नई दिल्ली : गौरतलब है कि दो दिन पूर्व काबुल से एयरलिफ्ट किए गए 120 भारतीय दिल्ली पहुंचाए गए। इसके बाद अच्छी खबर ये है कि आईटीबीपी के 99 कमांडो के साथ भारतीयों का दूसरा जत्था आज भी दिल्ली पहुँच गया है। इनकी वापसी भारत के लिए कितनी मुश्किल थी, इसे उन्होंने खुद बताया है।
खबरों की मानें तो तालिबान ने भारतीय दूतावास के काफिले को ग्रीन जोन से निकलने पर रोक लगायीं थी। ग्रीन जोन काबुल का वह इलाका है, जहां सभी देशों के दूतावास मौजूद हैं। पिछली अफगान सरकार ने तालिबान के हमलों को देखते हुए इस इलाके को ब्लास्ट प्रूफ दीवारों से बनाया था और यहां कड़ी नाकेबंदी थी। कड़ी सुरक्षा के साये में रहा काबुल एयरपोर्ट की तरफ जाने वाला रास्ता भी तालिबान आतंकियों ने बंद कर दिया था। इसी के बाद भारतीय दूतावास ने तालिबान से संपर्क किया।
मीडिया ख़बरों के मुताबिक़, काबुल में भारतीय दूतावास के मुख्य दरवाजे के बाहर तालिबान के हथियारबंद आतंकियों का एक समूह मौजूद था। इनके पास मशीन गनें और रॉकेट-ग्रेनेड लॉन्चर थे। अंदर करीब 120 भारतीय राजनयिक और नागरिक थे। दूतावास से 20 से ज्यादा गाड़ियां बाहर निकलीं। बाहर मौजूद तालिबान आतंकियों ने इन लोगों को देखकर हाथ हिलाए और मुस्कुराए।
एयरपोर्ट के नजदीक आते ही तालिबान लड़ाके अपनी गाड़ियां लेकर चले गए। एयरपोर्ट की कड़ी सुरक्षा अमेरिकी सैनिकों के हवाले थी।
आतंकियों की हवाई फायरिंग के बीच काबुल से भारत पहुंचे नागरिक

