लखनऊ : गौरतलब है की सपा पार्टी से पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति सामूहिक दुष्कर्म के मामलें में लिप्त पाए गए थे जिसके जांच लगातार चलने की बाद गायत्री प्रसाद प्रजापति को आज कोर्ट में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। मएलए की विशेष अदालत में आज देर शाम (शुक्रवार 12 नवंबर) सजा का ऐलान हुआ। गायत्री के दो अन्य साथियों आशीष शुक्ला व अशोक तिवारी को भी आजीवन कारावास हुआ है। तीनों पर दो लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका गया है। विशेष अदालत ने तीनों को धारा 376 डी एवं 5जी/6 पास्को एक्ट में दोषी करार दिया गया है।
ख़बरों की मानें कोर्ट ने इस दुष्कर्म मामलें में अन्य आरोपियों अमरेंद्र सिंह उर्फ पिंटू सिंह, विकास वर्मा, चंद्रपाल व रुपेश्वर उर्फ रुपेश को संदेह का लाभ देते हुए फिलहाल बरी किया है। इन सभी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। सभी आरोपी जेल में बंद हैं। कोर्ट में सरकारी वकीलों ने जानकारी दी है कि चित्रकूट की पीड़ित महिला ने 18 फरवरी, 2017 को लखनऊ के गौतम पल्ली थाने पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति समेत सभी आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और उसकी नाबालिग बेटी के साथ भी दुष्कर्म का प्रयास किया था। इसकी जांच एक लम्बे से चल रही थी।
क्या था मामला ? महिला को सभी ने खनन का कार्य दिलाने के लखनऊ बुलाया। इसके बाद कई जगहों पर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। महिला का आरोप है कि उसने घटना की विस्तृत रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को सौंपी लेकिन कोई कार्रवाई न होने पर सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कार्यवाही के आदेश दिए थे।

