नई दिल्ली : सम्पूर्ण देश में कोरोना की दूसरी लहर के तबाही मचाने बाद तीसरी लहर आने की संभावना ने अभी से ही लोगों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारों और डॉक्टरों के मुताबिक सितम्बर महीने के अंत तक तीसरी लहर की शुरुआत हो सकती है , और अक्तूबर महीने में यह अपने चरम पर हो सकती है। कोरोना से बचाव हेतु सरकार भी वैक्सीनेशन पर ज़ोर दे रही है और देश में करोड़ो लोगो तक वैक्सीन की दोनों डोज़ लग चुकी है। अभी जहां देश में तीन वैक्सीन , कोविशील्ड , कोवैक्सीन और रूस की स्पूतनिक वी कोसरकार की तरफ से मंज़ूरी मिली हुई है , वहीं एक और राहत देने वाली ख़बर सामने आ रही हैं , बताया जा रहा है कि अहमदाबाद स्थित फार्मास्युटिकल कंपनी जायडस कैडिला द्वारा विकसित वैक्सीन ZyCoV-D के अक्टूबर महीने में लोगों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हो जाने की संभावना है। कंपनी ने दावा किया है कि ट्रायल के दौरान इस वैक्सीन की प्रभाविकता 66.6 फीसदी से अधिक पाई गई है , और कंपनी का यह भी कहना है कि ZyCoV-D वैक्सीन कोरोना के कई नए वैरिएंट्स के ख़िलाफ़ कारगर है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार जायडस कैडिला की कोविड-19 वैक्सीन को अगस्त में भारत सरकार के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया से आपातकालीन इस्तेमाल की इज़ाज़त मिल चुकी है। कोवैक्सीन और कोविशील्ड के बाद यह देश की तीसरी स्वदेशी वैक्सीन होगी। इस वैक्सीन को ख़ास इसलिए बताया जा रहा है कि यह वैक्सीन 12-18 साल तक के बच्चों केलिए भी कारगर है , क्योंकि खबरों के मुताबिक़ तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरा होने की संभावना है। ऐसे में यह वैक्सीन बच्चों में संक्रमण को फ़ैलने की चिंता को दूर कर सकती है।

