मार्च ने बढ़ते तापमान के पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़े हैं। यदि औद्योगिक काल से पहले की तुलना में देखें तो इस साल मार्च का औसत तापमान 1850 से 1900 के बीच मार्च में दर्ज हुआ और औसत तापमान से 1.68 डिग्री सेल्सियस ज्यादा है। कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस की नवीनतम रिपोर्ट की माने तो, बढ़ते तापमान के यह आंकड़े इस बात को पुख्ता करते हैं कि पृथ्वी बड़ी तेजी से गर्म हो रही है और इसके प्रभाव पूरी दुनिया में महसूस किए जा रहे हैं। मार्च के दौरान वैश्विक स्तर पर सतह के पास हवा का औसत तापमान 14.14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। यह 1991 से 2020 के दौरान मार्च में दर्ज औसत तापमान से 0.73 अधिक है।
गर्मी के रिकॉर्ड टूटे, तेजी से गर्म हो रही धरती

