उत्तराखंड में कोविड-19 के कारण बेसहारा हुए बच्चों की उचित देखभाल के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार से वात्सल्य योजना शुरू की।
इस अवसर पर लाभार्थी बच्चों के बैंक खातों में तीन हजार रुपए भेजने के बाद धामी ने कहा कि बच्चों के जीवन में माता-पिता की कमी पूरी करना संभव नहीं है, लेकिन राज्य सरकार एक अभिभावक की तरह इनका हमेशा ध्यान रखेगी। ऐसा करने वाला उत्तराखंड पहला राज्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली ऐसी योजना है जिसमें हम चाहते हैं कि लाभार्थियों की संख्या कभी ना बढ़े और भविष्य में कभी किसी बच्चे को इसकी जरूरत ना पड़े।
योजना के लाभ
-इस योजना के तहत 21 साल के होने तक उन्होंने कहा कि योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को तीन हजार रुपए प्रतिमाह, नि:शुल्क राशन और नि:शुल्क शिक्षा दी जाएगी।
-संबंधित जिलों के जिलाधिकारी इन बच्चों की संपत्ति का संरक्षण करेंगे। इन बच्चों के लिए नौकरियों में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था की जा रही है।
-एक मार्च 2020 से 31 मार्च 2022 तक कोविड-19 महामारी एवं अन्य बीमारियों के कारण बेसहारा हुए बच्चों के लिए सरकार अभिभावक के रूप में काम करेगी।
-इस योजना के तहत प्रदेश में कुल 2,347 बच्चे चिन्हित किए गए हैं जिनमें से प्रथम चरण में 1,062 बच्चों को लाभ मिल रहा है।

