प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज आस्ट्रेलिया द्वारा आयोजित सिडनी डायलाग समारोह में हिस्सा लेते हुए जनता को सम्बोधित करते हुए कहा कि डिजिटल युग हमारे चारों ओर सब कुछ बदल रहा है। पीएम ने ये भी कहा कि सभी लोकतांत्रिक देशों को क्रिप्टोकरेंसी पर एक साथ काम करने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। और हमे रखना होगा की ये घटैत हतहों में ना जानें पाए। आज इस कार्यक्रम में पीएम ने प्रौद्योगिकी अभ्युदय व क्रांति विषय पर अपने विचार सभी के समक्ष रखे। सिडनी डायलाग का आयोजन 17 से 19 नवंबर तक चलेगा। यह आयोजन ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक व नीति संस्थान की द्वारा किया गया है।
और क्या बोले पीएम –
1-आज पीएम ने कहा कि अब भारत में पांच जरूरी परिवर्तन हुए है। हम दुनिया की सबसे व्यापक सार्वजनिक सूचना अवसंरचना का निर्माण कर रहे हैं…हम 6 लाख गांवों को जोड़ने की राह पर हैं; कोविन और आरोग्य सेतु का उपयोग करके पूरे भारत में टीकों की 110 करोड़ से अधिक खुराक देने के लिए को ले रहे हैं।
2- भारत अब एक लोकतंत्र और डिजिटल लीडर की तरह साझा समृद्धि और सुरक्षा में भागीदारों के साथ काम करने के लिए पूरी तरह सक्षम हैं। भारत की डिजिटल क्रांति लोकतंत्र, जनसांख्यिकी और अर्थव्यवस्था के पैमाने में निहित है।
3- प्रौद्योगिकी वैश्विक प्रतिस्पर्धा का प्रमुख सोर्स बनी है। ये भविष्य की अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को आकार देगी। प्रौद्योगिकी और डेटा नए हथियार बन रहे हैं।
4-आज सिडनी डायलाग समारोह को संबोधित करते हुए पीएम ने ये भी कहा कि डिजिटल युग ने राजनीति, अर्थव्यवस्था और समाज को फिर से परिभाषित किया है। यह संप्रभुता, शासन, नैतिकता, कानून, अधिकारों और सुरक्षा पर नए सवाल उठा रहा है।
5-आज इस बड़े कार्यक्रम में आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्काट मारिसन ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि आस्ट्रेलिया-भारत के बीच गहरी दोस्ती है, समय के साथ हमारे संबंध और आगे बढ़ेंगे। हम अंतरिक्ष, विज्ञान, डिजिटल प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में विकास कर रहे हैं।
6-पीएम ने सिडनी डायलॉग कार्यक्रम में आमंत्रण का शुक्रिया करते हुए कहा कि भारत के लोगों के लिए बड़े सम्मान की बात है कि आपने मुझे सिडनी डायलाग के संबोधन के लिए आमंत्रित किया। मैं इसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उभरती डिजिटल दुनिया में भारत की केंद्रीय भूमिका की मान्यता के रूप में समझता हूँ.
7-आज पीएम ने ये भी कहा कि सिडनी डायलाग का मकसद राजनीतिक, व्यावसायिक और सरकार में शामिल नेताओं को एक मंच पर लाने का है और नए विचारों को पर चर्चा करने और उभरते व महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी से पैदा होती चुनौतियों पर सहमति पेश करने का है।

