इस बार विजयदशमी रहेगी विशेष, पढ़िए ख़बर !

दशहरा हर साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों तक माता दुर्गा के पूजन के बाद यह पर्व मनाया जाता है जिसमें जगह-जगह पर रावण दहन तो किया ही जाता है और घर में विशेष रूप से पूजन भी होता है।
हिंदू पंचांग के अनुसार दशमी तिथि 04 अक्टूबर 2022 को दोपहर 02 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 05 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12 बजे समाप्त होगी।
इस साल पंचांग के अनुसार दशहरा या विजयादशमी पर तीन शुभ योग बन रहे हैं. दशहरा के दिन रवि, सुकर्मा और धृति योग बनने से इस दिन का महत्व दोगुना हो रहा है. इन योगों का ज्योतिष में विशेष महत्व है. इन योगों में किए गए उपाय सिद्ध हो जाते हैं।

जानिए दशहरा पर श्रवण नक्षत्र का शुभ संयोग :
श्रवण नक्षत्र प्रारम्भ – अक्टूबर 04, 2022 को 10:51 pm बजे
श्रवण नक्षत्र समाप्त – अक्टूबर 05, 2022 को 09:15 pm बजे
दशहरा के शुभ मुहूर्त में शमी के पौधे के पास जाकर सरसों के तेल का दीपक जलाएं और शमी पूजन मंत्र पढ़ें. इसके बाद सभी दिशाओं में विजय की प्रार्थना करें।
इस दिन कई घरों में शस्त्र पूजन की भी परंपरा है. इसके लिए एक चौकी पर गंगाजल छिड़ककर उसके ऊपर लाल कपड़ा बिछाएं.
तत्पश्चात उसके ऊपर सभी शस्त्रों को स्थापित करें और पुष्प, अक्षत, रोली, धूप दीप आदि से पूजन करें।